के प्रारंभ काल में गांव की नर-नारियां, बच्चे एवं बूढ़े यज्ञ मंडप के चारों ओर मां दुर्गा का जयकारा लगा रहे थे। 51 विद्वान पंडितों की मंडली के गगनभेदीसंस्कृत श्लोकों से इलाका गुंजायमान हो रहा है। आचार्य पं। सूर्यनारायण झा ने बताया कि प्रतिदिन सुबह 8 बजे से दोपहर 12 बजे तक पाठ एवं दोपहर दो बजे से संध्या 4 बजे तक हवन का कार्यक्रम है। यज्ञ स्थल पर दूसरे भवन में गुरुवार से ही नवाह संकीर्तन भी प्रारंभ किया गया है। नरूआर निवासी विवेकानन्द मिश्र ने यज्ञ स्थल पर बताया कि गुरूवार संध्या से वृन्दावन की मनमोहक रास लीला का आयोजन होगा तथा चारों वेद, देवी भागवत एवं शिव पुराण का प्रवचन विद्वान पंडितों द्वारा किया जायेगा। मालूम हो कि बुधवार से शुरू हुए इस यज्ञ हेतु बुधवार को भव्य कलश यात्रा 1008 महिलाओं द्वारा निकाली गई थी।
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Sunday, May 10, 2009
संस्कृत श्लोकों से गुंजायमान हुआ नरूआर
झंझारपुर (मधुबनी) । उत्सवी माहौल में नरूआर दुर्गा स्थान परिसर में गुरुवार से 9 दिवसीय सहस्त्रचण्डी यज्ञ प्रारंभ हुआ। यज्ञ
के प्रारंभ काल में गांव की नर-नारियां, बच्चे एवं बूढ़े यज्ञ मंडप के चारों ओर मां दुर्गा का जयकारा लगा रहे थे। 51 विद्वान पंडितों की मंडली के गगनभेदीसंस्कृत श्लोकों से इलाका गुंजायमान हो रहा है। आचार्य पं। सूर्यनारायण झा ने बताया कि प्रतिदिन सुबह 8 बजे से दोपहर 12 बजे तक पाठ एवं दोपहर दो बजे से संध्या 4 बजे तक हवन का कार्यक्रम है। यज्ञ स्थल पर दूसरे भवन में गुरुवार से ही नवाह संकीर्तन भी प्रारंभ किया गया है। नरूआर निवासी विवेकानन्द मिश्र ने यज्ञ स्थल पर बताया कि गुरूवार संध्या से वृन्दावन की मनमोहक रास लीला का आयोजन होगा तथा चारों वेद, देवी भागवत एवं शिव पुराण का प्रवचन विद्वान पंडितों द्वारा किया जायेगा। मालूम हो कि बुधवार से शुरू हुए इस यज्ञ हेतु बुधवार को भव्य कलश यात्रा 1008 महिलाओं द्वारा निकाली गई थी।
के प्रारंभ काल में गांव की नर-नारियां, बच्चे एवं बूढ़े यज्ञ मंडप के चारों ओर मां दुर्गा का जयकारा लगा रहे थे। 51 विद्वान पंडितों की मंडली के गगनभेदीसंस्कृत श्लोकों से इलाका गुंजायमान हो रहा है। आचार्य पं। सूर्यनारायण झा ने बताया कि प्रतिदिन सुबह 8 बजे से दोपहर 12 बजे तक पाठ एवं दोपहर दो बजे से संध्या 4 बजे तक हवन का कार्यक्रम है। यज्ञ स्थल पर दूसरे भवन में गुरुवार से ही नवाह संकीर्तन भी प्रारंभ किया गया है। नरूआर निवासी विवेकानन्द मिश्र ने यज्ञ स्थल पर बताया कि गुरूवार संध्या से वृन्दावन की मनमोहक रास लीला का आयोजन होगा तथा चारों वेद, देवी भागवत एवं शिव पुराण का प्रवचन विद्वान पंडितों द्वारा किया जायेगा। मालूम हो कि बुधवार से शुरू हुए इस यज्ञ हेतु बुधवार को भव्य कलश यात्रा 1008 महिलाओं द्वारा निकाली गई थी।
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