मेरी जान के गोरे हाथो को मेहँदी से सजाया होगा !
बहुत गहरा चढ़ा होगा मेहँदी कर रंग,
उस मेहँदी में उसने मेरा नाम छुपाया होगा !!
रह रह के रो पड़ी होगी जब,
उसे ख्याल मेरा ही आया होगा !
खुद को देखा होगा जब आईने में,
तो अक्स मेरा भी नज़र आया होगा !!
लग रही होगी बहुत ही खुबसूरत वो,
उसे देखकर चाँद भी शरमाया होगा !
आज उसने अपनी माँ बाप की इज्ज़त को भी बचाया होगा,
उसने अपनी बेटी होने का हर फ़र्ज़ निभाया होगा !!
मजबूर होगी वो उस वक़्त सबसे ज्यादा,
सोचता हू किस तरह उसने खुद को समझाया होगा !
अपने हाथो से मेरे खतो को जलाया होगा,
खुद को मजबूत बना के कैसे मेरी यादो को मिटाया होगा !!
भूखी होगी वो, जानता हू,
मेरे बिना उसने भी कुछ नहीं खाया होगा !
कैसे जलाया होगा उसने खुद को जब,
उसने अपने आप को फेरो में जलाया होगा !!
पर सोचता हू क्या इन सब के बीच !
उसे मेरे दिल का एक बार तो ख्याल आया होगा !!



